निखिल बनर्जी जीवनी Biography, संगीत में योगदान, सम्मान, Nikhil Banerjee

निखिल बनर्जी की जीवनी Biography of Nikhil Banerjee

निखिल बनर्जी की जीवनी in Hindi- Biography of Nikhil Banerjee

  • निखिल बनर्जी इनका पूरा नाम निखिल रंजन बनर्जी था , इनका जन्म 14 अक्टूबर , 1931 को पश्चिम बंगाल राज्य के कोलकाता में हुआ था ।
  • बनर्जी ब्राह्मण घराने से सम्बन्ध रखते थे तथा इनके पिता जितेन्द्रनाथ बनर्जी भी संगीत के जानकार थे तथा सितार बजाया करते थे ।
  • ” निखिल बनर्जी बचपन अपने पिता से सितार बजाना सीखते थे तथा सितार बजाने की विलक्षण प्रतिभा उनमें बचपन से ही थी । निखिल रंजन बनर्जी ने 9 वर्ष की आयु में अखिल भारतीय सितार प्रतियोगिता जीती और जल्द ही ऑल इण्डिया रेडियो पर सितार बजाने लगे ।
  • शुरुआती प्रशिक्षण के बाद निखिल बनर्जी ने मुश्ताक अली खाँ की शिष्यता ग्रहण की । बाद में उन्होंने उस्ताद अलाउद्दीन खान तथा अली अकबर खान से भी सितार बजाने की शिक्षा ग्रहण की ।
  • निखिल बनर्जी 54 वर्ष की आयु में इस दुनिया को अलविदा कह गए । 27 जनवरी , 1986 को उनका देहान्त हार्ट अटैक से कोलकाता में हो गया ।

संगीत में योगदान

  • निखिल बनर्जी ने अपने संगीत के प्रशिक्षण के बाद विभिन्न देशों के साथ – साथ भारत में भी प्रदर्शन किया । 
  • इन्होंने उस्ताद अलाउद्दीन खान से सितार के साथ – साथ सरोद , रुद्र वीणा , सुरबहार आदि का भी प्रशिक्षण लिया , जिससे इनकी गायिकी तथा वादन दोनों का सही तालमेल तथा संयोजन बन सके ।
  • निखिल बनर्जी का पहला विदेशी दौरा वर्ष 1955 में हुआ था जब उन्होंने भारत सरकार के एक प्रतिनिधिमण्डल के साथ पोलैण्ड , रूस और चीन में अपने सितार वादन का प्रदर्शन किया तथा ख्याति प्राप्त की ।
  • 1980 के दशक में इन्होंने कोलकाता के दोवेर सेन संगीत सम्मेलन में अपने सितार वादन का प्रदर्शन किया तथा इस संगीत समारोह में उनके प्रदर्शन की रिकॉर्डिंग की गई ।

सम्मान

  • निखिल बनर्जी को सितार वादन में योगदान के लिए विभिन्न पुरस्कारों से सम्मानित किया गया , जिसमें कुछ प्रमुख पुरस्कार निम्नलिखित हैं –
    • वर्ष 1968 में पद्मश्री सम्मान
    • वर्ष 1974 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
    • वर्ष 1986 में पद्मभूषण सम्मान

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