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लखनऊ घराना तबला : Lucknow Gharana Tabla

लखनऊ घराना तबला

लखनऊ घराना : तबला

लखनऊ घराना तबला भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैली कत्थक के कलाकारों से जुड़ा प्रसिद्ध घराना है ।

लखनऊ घराना : तबला की वंश परम्परा

इस घराने की नींव रखने वाले उस्ताद मोदू खाँ और बख्शू खाँ थे । मोदू खाँ के वंशजों में मम्मू खा का नाम प्रमुख है । मम्मू खाँ के पुत्र मुहम्मद खाँ थे तथा इसके दो पुत्र बड़े मुन्ने खाँ और आबिद हुसैन खाँ हुए । इनमें बड़े मुन्ने हा के पुत्र वाजिद हुसैन खाँ हुए जो आबिद हुसैन खाँ के दामाद भी थे । वाजिद हुसैन खाँ के पुत्र अशफाक हुसेन खाँ उच्चकोटि के तबला वादक हए । अशफाक हुसैन खाँ के सुपुत्र इल्यास खाँ हुए । इस घराने के अन्य सप्रसिद्ध शिष्यों में आबिद हुसैन खाँ के शिष्यों में वीरू मिश्र , इन्दौर के जहाँगीर खाँ तथा कलकत्ते के हीरू गांगुली हैं ।

वादन की विशेषताएँ

लखनऊ घराना तबला वादन शैली की प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं –

उपसंहार / निष्कर्ष

उपसंहार इस प्रकार हम देखते हैं कि इस घराने में नृत्य के अंग संचालन के अनुसार बंदिशें, ठुमरी के लिए लग्गी लड़ियों का नया वादन आदि के कारण यहाँ तबले की अलग वादन शैली का प्रादुर्भाव हुआ तथा इस नई परम्परा के कारण इस वादन शैली को लखनऊ घराना कहा जाने लगा , जोकि न तो दिल्ली के समान बन्द था और न पखावज के समान थापिया वाला खुला था ।

दिल्ली घराना तबला : विशेषता Delhi Gharana Tabla

तबला का घराना परम्परा : Tabla ka Gharana Parampara

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