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राग पूरियाधनाश्री – Raag Puriya Dhanashri

राग पूरियाधनाश्री

राग पूरियाधनाश्री in Hindi श्लोक :- कोमल रि – ध तीवर नि ग म , है पंचम सुर वादि । यह पूरिया धनासिरी , जहाँ रिखब संवादि ।। -राग चन्द्रिकासार

संक्षिप्त विवरण – राग पूरियाधनाश्री Puriya Dhanashri

मतभेद

विष्णु नारायण भातखन्डे कृति क्रमिक पुस्तक के चौथे भाग ( हिन्दी प्रथम संस्करण ) में पृष्ठ 343 पर प व रे को वादी – सम्वादी माना गया है ।

राग पूरियाधनाश्री की विशेषता

न्यास के स्वर – सा , ग और प

समप्रकृति राग– पूर्वी और जैताश्री

विशेष स्वर संगतियाँ

1- नि रे ग मं प

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2- ( प ) मं ग मं रे

3- रें नि प , मं ग , म रे

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स्वरों का अध्ययन

संगीत में निम्नलिखित शब्द ( कलावन्त, गीति, बानी, गीत, पंडित, वाग्गेयकार, नायक, गायक, अल्पत्व – बहुत्व, निबद्ध, रागालाप, स्वस्थान नियम का आलाप, आलिप्तगान, परमेल, अध्वदर्शक स्वर, मुखचालन, आक्षिप्तिका, न्यास और ग्रह, अपन्यास स्वर, सन्यास और विन्यास, विदारी, गमक, तिरोभाव – आविर्भाव ) की परिभाषा जानने के लिए

तिरोभाव – आविर्भाव

मूल राग– ( प ) मंग , म रे ग , ( पूरियाधनाश्री )

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तिरोभाव– ग म ध प , मं ग म ऽ ऽ ग , ( बसंत )

आविर्भाव– म रे ग ऽ रे सा , प , ( पूरियाधनाश्री )

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राग पूरियाधनाश्री पर आधारित हिंदी फ़िल्मी गीत – Hindi Film Songs based on Raag Puriya Dhanashree

तोरी जय जय करतारा – Film  – बैजू बावरा ।

तुमने क्या क्या किया है हमारे लिए – Film – प्रेम गीत

रुत आ गयी रे , रुत छा गयी रे – Film – 1947:Earth – ( Singer- SukhVinder )- A.R.Rahman

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